अति सुंदर, तू वर्णन से परे
अति सुंदर, तू वर्णन से परेलफ़जो के लिए भी अदभुतबयान के भी है तू अपारदेखा ना सुना है कभी समझे कैसे, तेरा ज्ञान है असीमकौन नापे, तेरे गहरे प्रेम कोअति सुंदर, तू वर्णन से परेतेजस्वी राजा विराजमान मैं खड़ा, हूँ खड़ा, तेरी आदर मेंमैं खड़ा, हूँ खड़ा, तेरी आदर मेंपवित्र खुदा, तारीफ़ के काबिलहूँ खड़ा, […]